कपकोट। उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेंद्र कोरंगा मंगलवार को उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और प्रशासन पर लिखित आश्वासन का पालन न करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उन्होंने 12 दिनों तक भूख हड़ताल की थी। उस दौरान प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया गया था, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
भूपेंद्र कोरंगा का कहना है कि जब प्रशासन अपने ही लिखित वादों को पूरा नहीं करता, तो जनता का विश्वास कमजोर होता है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द लिखित आश्वासन के अनुरूप कार्रवाई करने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र उनकी मांगों पर अमल नहीं किया गया, तो उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा आंदोलन की अगली रणनीति तय करेगा और जनहित में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
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अब देखना होगा कि प्रशासन इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेता है और लंबित मांगों पर कब तक कार्रवाई करता है।
