कपकोट। एक ओर कपकोट क्षेत्र में धान की रोपाई का कार्य जोरों पर चल रहा है, वहीं दूसरी ओर ऐंठाण गांव के किसान सिंचाई के पानी के अभाव से जूझ रहे हैं। गांव की सिंचाई नहर सूखी होने के कारण किसानों के सामने खेती का संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि उनके पास बारिश के भरोसे रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। हालांकि इस बार मानसून भी अपेक्षा के अनुरूप साथ नहीं दे रहा है। ऐसे में रोपाई के लिए तैयार किया गया धान का पौधा खेतों में लगाए जाने से पहले ही बड़ा होने लगा है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका सताने लगी है।
ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि रोपाई के सबसे महत्वपूर्ण समय में भी नहर में पानी नहीं छोड़ा गया। उनका कहना है कि यदि जल्द सिंचाई व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो इस वर्ष धान की फसल बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग से तत्काल नहर में पानी उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि किसानों की मेहनत और फसल दोनों को बचाया जा सके।
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अब सवाल यह है कि रोपाई के इस महत्वपूर्ण दौर में किसानों को सिंचाई का पानी कब मिलेगा और संबंधित विभाग उनकी समस्या का समाधान करने के लिए क्या कदम उठाएगा।
