पिंडारी, कफनी और सुंदरढूंगा ग्लेशियर को समय से पहले बंद करने का विरोध, पर्यटन सत्र बढ़ाने की मांग

उत्तराखण्ड

पिंडारी, कफनी और सुंदरढूंगा ग्लेशियर को समय से पहले बंद करने का विरोध, पर्यटन सत्र बढ़ाने की मांग

बागेश्वर जनपद के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पिंडारी, कफनी और सुंदरढूंगा ग्लेशियर को समय से पहले बंद किए जाने के निर्णय का स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया है। ग्राम पंचायत बाछम के ग्राम प्रधान दिनेश सिंह दानू ने जिलाधिकारी बागेश्वर को ज्ञापन भेजकर इन ट्रेकिंग मार्गों को 15 जुलाई तक खोलने तथा पर्यटन सत्र को पुनर्निर्धारित करने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि इन क्षेत्रों में सामान्यतः 15 जुलाई तक मौसम ट्रेकिंग और पर्यटन गतिविधियों के लिए अनुकूल रहता है। ऐसे में निर्धारित समय से पहले पर्यटन गतिविधियां बंद होने से स्थानीय लोगों के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

ग्राम प्रधान दिनेश सिंह दानू ने बताया कि खाती, बाछम और जतोली जैसे सीमांत गांवों के लगभग 70 प्रतिशत परिवार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पर्यटन व्यवसाय पर निर्भर हैं। पर्यटन सत्र के समय से पहले समाप्त होने से इन परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है।

ज्ञापन में प्रशासन से सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करते हुए पर्यटन गतिविधियों को 15 जुलाई तक संचालित करने की अनुमति देने की मांग की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पर्यटकों को सुविधा मिलेगी और सीमांत क्षेत्रों के लोगों का रोजगार भी सुरक्षित रहेगा।

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ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए पर्यटन सत्र को बढ़ाने की अपील की है।

 

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