पिंडारी ग्लेशियर से ट्रेल्स पास तक पहुंचे एक पर्वतारोहण दल ने बर्फबारी, बर्फीले तूफान, फिसलन भरे रास्तों और हिमस्खलन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करते हुए सफलतापूर्वक अपना अभियान पूरा किया। यह अभियान 30 मई 2026 को खाती गांव से शुरू हुआ था और 10 जून को सकुशल मुनस्यारी पहुंचकर संपन्न हुआ।
अभियान के दौरान टीम को पिंडारी बेस कैंप और एडवांस बेस कैंप के बीच भारी बर्फबारी और खराब मौसम का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर कमर तक बर्फ जमा होने के कारण आगे बढ़ना बेहद कठिन हो गया। टीम को खड़ी चट्टानों और बर्फीली ढलानों पर सैकड़ों मीटर रस्सियां फिक्स कर रास्ता बनाना पड़ा।
अभियान के सबसे चुनौतीपूर्ण क्षण तब आए जब ट्रेल्स पास के पास तेज बर्फीले तूफान के दौरान रस्सी का एक बंडल सैकड़ों मीटर गहरी खाई में गिर गया। सीमित संसाधनों के बावजूद गाइड और सपोर्ट टीम ने साहस दिखाते हुए आगे का रास्ता तैयार किया और पूरी टीम को सुरक्षित कैंप-1 तक पहुंचाया।
इसके बाद दल ने नंदाखाट और पिंडारी ग्लेशियर के बीच स्थित हिम दरारों और आइस फील्ड को पार कर ट्रेल्स पास के समीप कैंप-2 स्थापित किया। मौसम की लगातार खराब परिस्थितियों के बावजूद टीम ने पास क्रॉस करने का निर्णय लिया और मां नंदा तथा भूमियाल देवता का आशीर्वाद लेकर आगे बढ़ी।
पास से उतरते समय अचानक हिमस्खलन (एवलांच) शुरू हो गया। टीम के सदस्यों ने तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर भागकर अपनी जान बचाई। कुछ सेकंड की देरी किसी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकती थी। सौभाग्य से सभी सदस्य सुरक्षित रहे और नंदा देवी ईस्ट बेस कैंप पहुंचने में सफल रहे।
अभियान का नेतृत्व देवभूमि एडवेंचर के संस्थापक एवं गाइड दिनेश सिंह दानू ने किया। उनके साथ गाइड, सपोर्ट स्टाफ और विभिन्न राज्यों से आए पर्वतारोहियों ने इस चुनौतीपूर्ण अभियान में हिस्सा लिया।
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10 जून की शाम सभी सदस्य सकुशल मुनस्यारी पहुंचे, जिसके बाद अभियान को सफल घोषित किया गया।
