बागेश्वर जिला अस्पताल में एक गर्भवती महिला की इलाज के दौरान मौत होने के बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम में देरी का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। नाराज लोगों ने सड़क पर बैठकर पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में पोस्टमार्टम शुरू होने पर मामला शांत हुआ।
जानकारी के अनुसार कपकोट क्षेत्र के तिरुवाण निवासी 27 वर्षीय तनुजा देवी पत्नी मोहन चंद्र तिरुवा को बुधवार को अचानक पेट में तेज दर्द की शिकायत हुई। परिजन उन्हें पहले सीएचसी कपकोट लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। शाम करीब चार बजे उन्हें जिला अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान शाम करीब छह बजे उनकी मौत हो गई। महिला तीन माह की गर्भवती बताई जा रही थी। उनका एक छह वर्षीय बेटा भी है।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवा दिया। गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम होना था, लेकिन प्रक्रिया में देरी होने से परिजन और ग्रामीण नाराज हो गए। दोपहर तक इंतजार के बाद लोगों ने अस्पताल के बाहर सड़क पर धरना शुरू कर दिया।
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मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। लोगों का कहना था कि रात में पंचनामा प्रक्रिया पूरी नहीं हुई और सुबह से उन्हें अलग-अलग अधिकारियों के पास भेजा जा रहा था। हंगामे के बीच डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की, जिसके बाद परिजनों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि और क्षेत्रीय लोग भी मौके पर मौजूद रहे।
