कपकोट (बागेश्वर) उत्तराखंड डिजिटल विकास और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावों के बीच कपकोट ब्लॉक की ग्राम पंचायत वाछम के दूरस्थ तोक जातौली से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण एक गंभीर रूप से बीमार 50 वर्षीय दुर्गा देवी को परिजनों और ग्रामीणों ने करीब 10 किलोमीटर तक डोली में उठाकर खाती मोटर मार्ग तक पहुंचाया।
ग्राम प्रधान दिनेश सिंह दानू ने बताया कि जातौली तोक के लगभग 30 परिवार आज भी सड़क और मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क नहीं होने के कारण समय पर 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना तक नहीं दी जा सकी। मजबूरी में परिजनों को बीमार महिला को डोली में उठाकर पैदल कठिन रास्तों से खाती प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) तक पहुंचाना पड़ा, जहां उनका उपचार चल रहा है।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जातौली से खाती तक जाने वाला पीडब्ल्यूडी का पैदल मार्ग कई स्थानों पर पूरी तरह क्षतिग्रस्त है और दो जगह पेड़ गिरने से रास्ता और अधिक खतरनाक हो गया है।ऐसे हालात में बीमार महिला को डोली में ले जाना ग्रामीणों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था।
ग्राम प्रधान का कहना है कि करीब छह महीने पहले जिला मजिस्ट्रेट (DM), उपजिलाधिकारी (SDM) कपकोट और क्षेत्रीय विधायक को लिखित आवेदन देकर आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए V-SAT या सैटेलाइट फोन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। लेकिन बार-बार गुहार लगाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क, मोबाइल नेटवर्क और आपातकालीन संचार की सुविधा उपलब्ध होती, तो महिला को इतनी कठिन परिस्थितियों में डोली से ले जाने की नौबत नहीं आती। उनका आरोप है कि प्रशासनिक उदासीनता का खामियाजा आज भी दूरस्थ गांवों के लोग अपनी जान जोखिम में डालकर भुगत रहे हैं।
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फिलहाल दुर्गा देवी का इलाज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खाती में चल रहा है।वहीं ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में सड़क, मोबाइल नेटवर्क और आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाएं जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को ऐसी दर्दनाक स्थिति का सामना न करना पड़े।
