उत्तराखंड में बढ़ा श्रमिकों का वेतन, औद्योगिक अशांति पर लगा ब्रेक – धामी सरकार का बड़ा कदम

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उत्तराखंड में बढ़ा श्रमिकों का वेतन, औद्योगिक अशांति पर लगा ब्रेक – धामी सरकार का बड़ा कद

उत्तराखंड में संभावित औद्योगिक अशांति को रोकने के लिए सरकार ने समय रहते बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी कर दी है, जिससे अब यहां काम करने वाले मजदूरों को पड़ोसी राज्यों की तुलना में अधिक वेतन मिलेगा।

दरअसल, औद्योगिक क्षेत्र खासकर ऊधमसिंह नगर से श्रमिक संगठनों द्वारा वेतन बढ़ाने की मांग उठाई गई थी। जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए श्रम विभाग को रिपोर्ट भेजी, जिसमें चेतावनी दी गई थी कि अगर समय पर वेतन नहीं बढ़ाया गया तो नोएडा जैसी स्थिति यहां भी बन सकती है।

इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुष्कर सिंह धामी सरकार ने एक त्रिपक्षीय समिति का गठन किया। 27 अप्रैल को हुई बैठक के बाद समिति की सिफारिशों को मंजूरी दे दी गई और नई वेतन दरें लागू कर दी गईं।

सरकार का मानना है कि पुरानी वेतन दरें लगभग दो दशकों से लागू थीं, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही थी। इससे श्रमिकों की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा था और असंतोष बढ़ रहा था।

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नई वेतन दरें (तुलनात्मक नजर):

उत्तराखंड:

अकुशल: ₹13,800

अर्धकुशल: ₹15,000

कुशल: ₹16,900

उत्तर प्रदेश (सामान्य क्षेत्र):

अकुशल: ₹12,356

अर्धकुशल: ₹13,590

कुशल: ₹15,224

हिमाचल प्रदेश:

अकुशल: ₹11,250

अर्धकुशल: ₹11,601

कुशल: ₹13,062

बिहार:

अकुशल: ₹11,336

अर्धकुशल: ₹11,752

कुशल: ₹14,326

 

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