उत्तराखंड में जनगणना के पहले चरण को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में सहयोग न करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। प्रदेश में 25 अप्रैल से शुरू हुई भवन एवं मकान गणना का कार्य अभी तक लगभग 67 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है, जबकि अभियान समाप्त होने में केवल छह दिन शेष हैं।
जानकारी के अनुसार, प्रगणकों को कई क्षेत्रों में लोगों का सहयोग नहीं मिल रहा है। कई परिवार घरों में प्रवेश नहीं दे रहे और निर्धारित सवालों के जवाब देने से भी बच रहे हैं। इसे देखते हुए जनगणना निदेशालय ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
दूसरी ओर, कई विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगाए जाने के बावजूद उन्हें नियमित कार्यालय कार्यों में व्यस्त रखा जा रहा है। इससे गणना कार्य प्रभावित हो रहा है। निदेशालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को पत्र भेजकर सहयोग सुनिश्चित करने को कहा है।
देहरादून में एक महिला प्रगणक पर डोरबेल बजाने के दौरान कुत्ते के हमले की घटना भी सामने आई है। जनगणना अधिकारियों ने इस पर चिंता जताते हुए प्रगणकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है।
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बताया जा रहा है कि कुछ स्थानों पर पूर्व सैनिकों सहित कई लोगों द्वारा भी जनगणना टीम को अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे जनहित और देशहित में इस अभियान में सहयोग करें, ताकि जनगणना का कार्य समय पर पूरा हो सके।
