कपकोट अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर फूटा जनाक्रोश, निरीक्षण में खुली स्वास्थ्य सेवाओं की पोल

उत्तराखण्ड

पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और नगर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई, जिस पर जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने गहरा रोष व्यक्त किया।

निरीक्षण में अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई मिली। अस्पताल में छह स्वच्छकों की आवश्यकता के बावजूद वर्तमान में केवल एक महिला स्वच्छक कार्यरत है, जो पूरे परिसर की सफाई व्यवस्था संभालने में असमर्थ दिखाई दी। अस्पताल परिसर में जगह-जगह मेडिकल कचरे के ढेर पाए गए, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।

चिकित्सकों की भारी कमी भी निरीक्षण के दौरान उजागर हुई। अस्पताल में कुल नौ चिकित्सकों के सापेक्ष सात विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में केवल एक विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति है और वे भी जिला चिकित्सालय बागेश्वर में सेवाएं दे रहे हैं। अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की स्थिति भी बेहद खराब बताई गई।

तीस बेड वाले इस अस्पताल में कर्मचारियों की कमी के कारण बीस बेड का पूरा वार्ड खाली पड़ा हुआ है। सोमवार होने और वायरल संक्रमण के बढ़ते मामलों के चलते अस्पताल में करीब दो सौ से अधिक मरीज पहुंचे, लेकिन पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण मरीज इधर-उधर बैठने को मजबूर दिखाई दिए।

जनप्रतिनिधियों ने कहा कि एक ओर कपकोट में उप जिला चिकित्सालय की घोषणा पर सरकार तालियां बटोर रही है, वहीं दूसरी ओर वर्तमान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मूलभूत व्यवस्थाएं तक संभल नहीं पा रही हैं। ऐसे में केवल घोषणाओं से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार संभव नहीं है।

निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि अस्पताल भवन के सामने की भूमि पिछले पांच वर्षों से खाली पड़ी हुई है। भवन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है।

एम्बुलेंस सेवाओं की स्थिति भी चिंताजनक पाई गई। कपकोट ब्लॉक में संचालित दोनों एम्बुलेंस दो लाख किलोमीटर से अधिक चल चुकी हैं और अब सुरक्षित संचालन की स्थिति में नहीं हैं। वहीं खनन मद से मिली दो अन्य एम्बुलेंस तेल, चालक और रखरखाव के अभाव में संचालित नहीं हो पा रही हैं

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क्षेत्रवासियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार से अस्पताल में चिकित्सकों, कर्मचारियों और स्वच्छता कर्मियों की तत्काल नियुक्ति कर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की मांग की।

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