मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य में ईंधन और ऊर्जा बचत को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और बढ़ती वैश्विक ईंधन कीमतों को देखते हुए सरकार ने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए नई रणनीति लागू करने का निर्णय लिया है।
सरकार के फैसले के अनुसार अब सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले में वाहनों की संख्या भी आधी की जाएगी। जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभागों की जिम्मेदारी है, वे एक ही सरकारी वाहन का उपयोग करेंगे। इसके साथ ही सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को बढ़ावा दिया जाएगा और निजी संस्थानों को भी वर्क फ्रॉम होम अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
कैबिनेट बैठक में कहा गया कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण भारत पर ईंधन लागत और आयात का दबाव बढ़ा है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपील पर राज्य स्तर पर कई अल्पकालिक और दीर्घकालिक कदम उठाए जा रहे हैं।
सरकार ने सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग, एसी के सीमित इस्तेमाल और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने का भी फैसला लिया है। नई नीति के तहत खरीदे जाने वाले सरकारी वाहनों में 50 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन अनिवार्य होंगे। साथ ही राज्यभर में चार्जिंग स्टेशनों का तेजी से विस्तार किया जाएगा।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत धार्मिक, ग्रामीण, वेलनेस और इको टूरिज्म सर्किटों का प्रचार किया जाएगा। सरकार वेडिंग डेस्टिनेशन और प्रवासी भारतीयों को भी उत्तराखंड में पर्यटन के लिए आकर्षित करने की योजना बना रही है।
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इसके अलावा स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने और रूफटॉप सोलर, गोबर गैस व पीएनजी कनेक्शन जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विस्तार पर भी जोर दिया जाएगा।
