कपकोट। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के 45वें स्थापना दिवस तथा हरेला पर्व के शुभ अवसर पर कपकोट विकासखंड के मल्लदेश गांव में एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से फलदार पौधों का पौधरोपण किया गया। यह कार्यक्रम संजीवनी संस्था के सहयोग से वाड़ी क्षेत्रों में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान कीवी, नेक्टरिन, आड़ू, प्लम सहित विभिन्न फलदार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। साथ ही ग्रामीणों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया गया।
नाबार्ड के वित्तीय सहयोग से संचालित जनजातीय विकास परियोजना के तहत पिछले कई वर्षों से चयनित गांवों में फलोद्यान विकसित किए जा रहे हैं। इसके माध्यम से किसानों को बागवानी से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने और टिकाऊ आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है।
इस अवसर पर नाबार्ड, अल्मोड़ा के जिला विकास प्रबंधक गिरीश चंद्र पन्त ने नाबार्ड के 45 वर्षों की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संस्था ने कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी पहल की हैं।
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कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने हरेला पर्व के अवसर पर अधिक से अधिक पौधे लगाने, पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने तथा बागवानी के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का संदेश दिया।
