देहरादून समेत प्रदेश के कई क्षेत्रों में बढ़ती गर्मी के साथ आवारा कुत्तों के व्यवहार में बदलाव देखने को मिल रहा है। हाल के दिनों में कुत्तों द्वारा लोगों पर हमला करने और वाहनों के पीछे दौड़ने की घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
हाल ही में राजधानी में एक छोटे बच्चे पर आवारा कुत्तों के झुंड के हमले की घटना सामने आई। इसके अलावा भी कई इलाकों से कुत्तों के आक्रामक व्यवहार की शिकायतें मिल रही हैं। पशु चिकित्सकों के अनुसार अत्यधिक तापमान और प्रजनन काल के प्रभाव के कारण कुत्तों में चिड़चिड़ापन और आक्रामकता बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों के दौरान आवारा कुत्तों को पर्याप्त छाया और पानी नहीं मिल पाता, जिससे उनका तनाव बढ़ जाता है। यही तनाव उनके व्यवहार में बदलाव का कारण बन सकता है। कई बार वे बिना किसी उकसावे के भौंकने, दौड़ने या हमला करने जैसी प्रतिक्रिया भी दे सकते हैं।
पशु व्यवहार से जुड़े अध्ययनों में भी यह पाया गया है कि अधिक गर्मी कुत्तों के शरीर और मानसिक स्थिति को प्रभावित करती है। तापमान बढ़ने पर तनाव से जुड़े हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है, जिससे उनका व्यवहार सामान्य दिनों की तुलना में अधिक आक्रामक हो जाता है।
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार देहरादून में बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते मौजूद हैं। निगम द्वारा संचालित बधियाकरण और टीकाकरण अभियान लगातार जारी है, लेकिन सड़कों पर कुत्तों की संख्या अब भी काफी अधिक बनी हुई है।
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पशु चिकित्सकों का कहना है कि गर्मी के मौसम में कुत्तों के व्यवहार में बदलाव सामान्य बात है। ऐसे समय में लोगों को सतर्क रहने के साथ-साथ पशुओं के प्रति संवेदनशील रवैया भी अपनाना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले महीनों में प्रजनन काल शुरू होने पर भी कुत्तों के व्यवहार में और परिवर्तन देखने को मिल सकता है।
