Rishikesh: गुरु भक्ति की मिसाल, दिव्यांग गुरु को कंधों पर लेकर केदारनाथ यात्रा पर निकला युवक

उत्तराखण्ड

उत्तराखंड की चारधाम यात्रा के बीच ऋषिकेश में एक ऐसी गुरु-शिष्य की जोड़ी देखने को मिली, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। मध्य प्रदेश का एक युवक अपने दिव्यांग गुरु को पीठ पर बैठाकर पैदल केदारनाथ धाम की यात्रा पर निकला है। उनकी श्रद्धा और समर्पण की यह कहानी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के सीओर गांव निवासी 20 वर्षीय दुर्गेश पंत अपने 48 वर्षीय गुरु बाबा विक्रम को केदारनाथ धाम के दर्शन कराने के लिए कठिन सफर तय कर रहे हैं। बाबा विक्रम बचपन से दिव्यांग हैं और लंबे समय से केदारनाथ जाने की इच्छा रखते थे। गुरु की इसी इच्छा को पूरा करने के लिए दुर्गेश ने उन्हें अपने कंधों पर उठाकर यात्रा शुरू की।

आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने के बावजूद दुर्गेश ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने किसी वाहन का सहारा लेने के बजाय पैदल यात्रा का फैसला किया। सोमवार को हरिद्वार पहुंचने के बाद वह पैदल ही ऋषिकेश पहुंचे। मंगलवार को दोनों चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कैंप में दिखाई दिए, जहां लोगों ने उनकी लगन और सेवा भावना को देखकर सराहना की।

कई श्रद्धालुओं ने उन्हें पानी और जरूरी सामान उपलब्ध कराया, वहीं कुछ लोगों ने उनकी यात्रा सफल होने की कामना की। दुर्गेश का कहना है कि उनके गुरु ने हमेशा जीवन में सही दिशा दिखाई है और कठिन समय में उनका मार्गदर्शन किया है। उनके अनुसार, गुरु की सेवा करना ही उनके लिए सबसे बड़ा धर्म है।

यह भी पढ़े:Udham Singh Nagar: नानकमत्ता में भीषण सड़क हादसा, चंपावत के शिक्षक सहित दो की मौत

गुरु और शिष्य के विश्वास, समर्पण और त्याग की यह अनोखी कहानी समाज को यह संदेश देती है कि सच्चे रिश्ते निष्ठा और सेवा से मजबूत बनते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *