खीरगंगा नदी में बहाए राजेंद्र राम का शव गुलम पुल के पास बरामद, परिवार में मचा कोहराम

उत्तराखण्ड

कपकोट। खीरगंगा नदी में सोमवार सुबह बह गए राजेंद्र राम का शव शुक्रवार को चार दिन बाद बरामद कर लिया गया। शव गुलम पुल से करीब 200 मीटर पीछे भैंसूड़ी की ओर नदी किनारे मिला। गांव के मोहन राम ने चलती गाड़ी से शव को देखा और इसकी सूचना प्रशासन को दी।

जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और शव को नदी से बाहर निकाला। पुलिस द्वारा पंचनामा समेत अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

बताया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह मोहन राम समेत कुछ ग्रामीण राजेंद्र राम की तलाश में निकले थे। इसी दौरान मोहन राम की नजर नदी किनारे पड़े शव पर पड़ी। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान राजेंद्र राम के रूप में की।

राजेंद्र राम के लापता होने के बाद उनके भतीजे सुंदर ने कपकोट थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी थी। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर तलाश शुरू की थी। इससे पहले ग्रामीण ललित मोहन कोश्यारी उर्फ चंदन ने राजेंद्र राम को पुल से नदी में बहते हुए देखा था। उन्होंने इसकी जानकारी पंचायत प्रतिनिधि भगवत प्रसाद को दी, जिसके बाद ग्रामीणों ने खोजबीन शुरू की।

तलाश के दौरान सगड़देवी मंदिर के आसपास राजेंद्र राम की छाता और लाठी मिली थी। परिजनों ने दोनों वस्तुओं की पहचान राजेंद्र राम की बताई थी। इसके बाद पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, अग्निशमन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों ने नदी किनारे व्यापक खोज अभियान चलाया था। हालांकि, कई दिनों की तलाश के बाद शुक्रवार को शव बरामद हो सका।

यह भी पढ़े:कपकोट में जगह-जगह शान से लहराया तिरंगा, स्कूलों से लेकर सार्वजनिक स्थलों तक गूंजा देशभक्ति का संदेश

शव मिलने के बाद परिजनों में शोक का माहौल है। पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है।

 

1 thought on “खीरगंगा नदी में बहाए राजेंद्र राम का शव गुलम पुल के पास बरामद, परिवार में मचा कोहराम”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *